Saturday, 29 October 2016

ले अधूरी पंक्ति कोई, गुनगुनाना कब मना है, है अँधेरी रात पर, दीवा जलाना कब मना है........

ले अधूरी पंक्ति कोई, गुनगुनाना कब मना है,
है अँधेरी रात पर, दीवा जलाना कब मना है

No comments:

Post a Comment

celebrating Independence Day.

तीन रंगो मे डूबा है,आज ये मेरा अपना जहाँ, कहीं केसरिया, सफ़ेद कही तो है कहीं हरा