Wednesday, 26 July 2017

बेमानी मुस्कुराहट

खिलखिलाती हँसी पर हर बार ही भारी परी है
बेमानी मुस्कुराहट  मेरी लाचारी रही है .................

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celebrating Independence Day.

तीन रंगो मे डूबा है,आज ये मेरा अपना जहाँ, कहीं केसरिया, सफ़ेद कही तो है कहीं हरा